मकातिब-मदारिस से जुड़े मुद्दों को लेकर मुख्य सचिव से मिले चार विधायक और जमीअत प्रतिनिधि
मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने दिया आवश्यक कार्रवाई का भरोसा
देहरादून। उत्तराखंड में मकातिब और मदारिस से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं उनकी व्यवस्थाओं को लेकर चार विधायकों तथा जमीअत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मकातिब और मदारिस से संबंधित विभिन्न विषयों को विस्तारपूर्वक मुख्य सचिव के समक्ष रखा और सामने आ रही समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भगवानपुर विधायक ममता राकेश, झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र कुमार जाति, कलियर विधायक हाजी फुरकान अहमद तथा लक्सर विधायक हाजी शहजाद ने किया। प्रतिनिधिमंडल में जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड के पदाधिकारी एवं अन्य प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
बैठक के दौरान मकातिब और मदारिस से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने इन संस्थानों से संबंधित व्यवस्थाओं और संचालन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को मुख्य सचिव के संज्ञान में लाते हुए उनके समाधान के लिए सकारात्मक एवं व्यावहारिक कदम उठाने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल की ओर से कहा गया कि मकातिब और मदारिस लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण संस्थानों के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में इनके संचालन से संबंधित किसी भी समस्या का समाधान संवाद, आपसी समन्वय और सकारात्मक पहल के माध्यम से किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव के समक्ष अपनी बात रखते हुए उम्मीद जताई कि सरकार संबंधित विषयों पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगी, ताकि मकातिब और मदारिस से जुड़े मामलों का उचित समाधान निकाला जा सके।
बैठक में जमीअत उलेमा-ए-हिंद उत्तराखंड के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी, मौलाना कारी शमीम, मुफ्ती तौफीक इलाही, मौलाना हारून और मोहम्मद शाहनजर सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जमीअत प्रतिनिधियों ने भी मकातिब और मदारिस से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि संबंधित संस्थानों से जुड़े मामलों पर प्रशासन और संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। उनका कहना था कि आपसी बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान किया जाना अधिक प्रभावी रहेगा।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए मुद्दों को मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने गंभीरता से सुना। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया।
बैठक को मकातिब और मदारिस से जुड़े मामलों को शासन स्तर पर रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि मुख्य सचिव के स्तर से दिए गए आश्वासन के बाद संबंधित मामलों में आगे सकारात्मक कार्रवाई होगी और लंबे समय से सामने आ रही समस्याओं के समाधान का रास्ता निकलेगा।