छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जुड़वाने को जमीअत चलाएगी विशेष अभियान
मौलाना शराफत अली कासमी की जिला पदाधिकारियों से अपील, जुमे की नमाज में ऐलान कराने पर दिया जोर
देहरादून। जमीअत उलेमा-ए-हिन्द उत्तराखण्ड ने एसआईआर के बाद मतदाता सूची में नाम शामिल होने से रह गए पात्र नागरिकों के नाम जुड़वाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने की अपील की है। जमीअत के प्रदेश महासचिव मौलाना शराफत अली कासमी ने प्रदेश के सभी जिला अध्यक्षों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और कौम के जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए जागरूक करें।
मौलाना शराफत अली कासमी ने कहा कि उत्तराखण्ड में एसआईआर के दौरान जमीअत के जिम्मेदार साथियों और कार्यकर्ताओं ने पूरी मुस्तैदी एवं जागरूकता के साथ लोगों को इस प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे पात्र मतदाता रह गए हैं, जिनके नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए 8 अक्टूबर से विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत 8 से 10 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी 12,543 मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं।
इसके बाद 12 से 20 अक्टूबर तक बीएलओ घर-घर जाकर पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 उपलब्ध कराएंगे और मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया में उनकी सहायता करेंगे।
18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी कराएं पंजीकरण
मौलाना कासमी ने विशेष रूप से युवाओं से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि जो युवा 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, वे भी मतदाता बनने के पात्र हैं। ऐसे युवाओं के फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान जिन पात्र नागरिकों के नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, वे भी इस अवसर का लाभ उठाएं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं।
जुमे की नमाज में ऐलान कराने की अपील
जमीअत के प्रदेश महासचिव ने सभी जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों से विशेष रूप से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की मस्जिदों के इमामों और जिम्मेदार लोगों से संपर्क करें तथा जुमे की नमाज के दौरान इस संबंध में ऐलान करवाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि 12 से 20 अक्टूबर के बीच जब बीएलओ घर-घर पहुंचेंगे, उस दौरान जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने से रह गए हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म-6 भरें और नाम शामिल कराने की प्रक्रिया पूरी करें।
बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं तक पहुंचाएं जानकारी
मौलाना शराफत अली कासमी ने जमीअत के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की प्रक्रिया के बारे में लोगों को जानकारी दें। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों तक यह संदेश पहुंचाने की अपील की, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उसकी भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए जमीअत के सभी जिम्मेदारान इस अभियान को गंभीरता से लेते हुए अपने क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता पैदा करें और पात्र नागरिकों को नाम जुड़वाने में हरसंभव सहयोग प्रदान करें।