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अल्पसंख्यक तलबा के हक़ पर डाका! छात्रवृत्ति घोटाला या मुस्तकबिल की चोरी ?

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अल्पसंख्यक तलबा के हक़ पर डाका! छात्रवृत्ति घोटाला या मुस्तकबिल की चोरी ?

जिन हाथों में इल्म की शमा जलानी थी, उन्हीं हाथों ने गरीब अल्पसंख्यक तलबा के हक़ की छात्रवृत्ति पर डाका डाल दिय अब एसआईटी ने जांच तेज़ कर दी है और 19 शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है।

ख़ास रिपोर्ट:

        जिस अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति का मक़सद समाज के गरीब और ज़रूरतमंद तलबा को तालीम की रोशनी देना था, उसी स्कीम को कुछ कथित घोटालेबाज़ों ने अपनी दौलत बढ़ाने का ज़रिया बना लिया। यह सिर्फ़ सरकारी ख़ज़ाने की लूट का मामला नहीं, बल्कि उन हजारों गरीब अल्पसंख्यक छात्रों के हक़ और उनके मुस्तकबिल पर डाका है, जो पहले ही मुफ़लिसी और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।

हरिद्वार में सामने आए इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद अब जांच को तेज़ कर दिया है। एसआईटी ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति से जुड़े तमाम दस्तावेज़, लाभार्थी छात्रों का ब्यौरा और संस्थानों को जारी की गई रकम का रिकॉर्ड तलब किया है। दस्तावेज़ों की तस्दीक़ के बाद संस्थानों के संचालकों और कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।

पुलिस के मुताबिक, भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से छात्रवृत्ति योजना में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद शासन ने जांच के आदेश दिए थे। हरिद्वार की चार तहसीलों में एसडीएम स्तर पर हुई जांच में वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी और सरकारी धन के गबन की पुष्टि होने के बाद 12 जुलाई को सिडकुल थाने में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तहरीर पर पांच निजी आईटीआई, पांच पब्लिक स्कूल, दो इंटर कॉलेज, एक इंजीनियरिंग कॉलेज, एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, एक मदरसा सहित कुल 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

अब एसआईटी इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, छात्रवृत्ति की राशि, लाभार्थी छात्रों के नाम-पते और अन्य दस्तावेज़ों की गहन जांच की जा रही है। जांच के दायरे में आने वाले संस्थानों के संचालकों में भी बेचैनी और हड़कंप का माहौल है।

यह मामला केवल एक वित्तीय घोटाला नहीं, बल्कि गरीब अल्पसंख्यक तलबा के सपनों, उनके तालीमी हक़ और उनके बेहतर मुस्तकबिल के साथ की गई नाइंसाफी का मामला है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह उन बच्चों के साथ बड़ा ज़ुल्म होगा जिनके लिए यह छात्रवृत्ति उनकी तालीम जारी रखने का सहारा थी।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा है कि एसआईटी निष्पक्ष और गहराई से जांच कर रही है तथा जांच पूरी होने के बाद कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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