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कर्णप्रयाग निहंग प्रकरण में चारों आरोपियों को जमानत, जिला एवं सत्र न्यायालय का बड़ा फैसला

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अदालत ने 50-50 हजार रुपये के दो जमानती पेश करने की शर्त पर रिहाई के दिए आदेश; प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच वार्ता से शांति की उम्मीद मजबूत

चमोली/गोपेश्वर। उत्तराखंड के चर्चित कर्णप्रयाग निहंग मारपीट प्रकरण में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया। गोपेश्वर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय ने मामले में गिरफ्तार चारों निहंग सिख आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिंध्याचल सिंह की अदालत ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को सशर्त जमानत प्रदान करने का आदेश दिया।

न्यायालय के आदेश के अनुसार, प्रत्येक आरोपी को 50-50 हजार रुपये के दो जमानती प्रस्तुत करने होंगे। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चारों आरोपियों को जेल से रिहा किया जाएगा। जिन आरोपियों को जमानत मिली है उनमें सतविंदर सिंह, अजय सिंह, जसप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह शामिल हैं।

अदालत के इस फैसले को प्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से मुक्ति नहीं है। मामले की सुनवाई पूर्व निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी रहेगी और न्यायालय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।

16 जून को हुई थी हिंसक झड़प

गौरतलब है कि 16 जून 2026 को चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया था। घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने चार निहंग सिखों के विरुद्ध जान से मारने के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

सोशल मीडिया पर बढ़ा था तनाव

घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ और विवादित पोस्ट तेजी से वायरल हुईं, जिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तनाव का माहौल बन गया था। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की थी। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता भी बरती गई।

प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता

इसी बीच शुक्रवार को उत्तराखंड प्रशासन और निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई इस वार्ता में दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने तथा बातचीत के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने पर सहमति व्यक्त की।

बैठक के दौरान निहंग प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें दर्ज मुकदमा वापस लेने, गिरफ्तार निहंगों से मिलने की अनुमति तथा मामले से जुड़ी अन्य मांगें शामिल थीं। प्रशासन ने सभी मांगों पर कानून के दायरे में विचार करने का आश्वासन दिया।

शांति बनाए रखने की अपील

अदालत के फैसले और प्रशासन तथा समुदाय के बीच सकारात्मक संवाद के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में सामान्य स्थिति बहाल होगी। प्रशासन ने एक बार फिर सभी नागरिकों से संयम बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा किसी भी प्रकार की भड़काऊ सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून अपना कार्य करेगा और मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

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