गुरु रविदास जयंती पर झबरेड़ा में गूंजी समरसता की पुकार, निकली भव्य कलश यात्रा
गुरु जन्मस्थली से लाई गई पावन मिट्टी के कलश 18 मंडलों में भेजे गए, सामाजिक समानता और भाईचारे का दिया संदेश
झबरेड़ा, हरिद्वार। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के मौके पर “समरस संकल्प अभियान—समरसता में विश्वास, हमारे गुरु रविदास” के तहत झबरेड़ा में भव्य कलश यात्रा एवं समारोह का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने शिरकत की।
कलश यात्रा का शुभारंभ भगतोवाली, झबरेड़ा स्थित राज्य मंत्री स्तर के उपाध्यक्ष देशराज कर्णवाल के कार्यालय से हुआ। यात्रा शिव चौक स्थित गुरु रविदास मंदिर पहुंची, जहां विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद श्रद्धालु एवं कार्यकर्ता पवित्र कलश लेकर देव फार्म हाउस पहुंचे, जहां समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली से लाई गई पावन मिट्टी के कलश रुड़की जिले के सभी 18 मंडलों में संबंधित मंडल अध्यक्षों के माध्यम से भेजे गए। आयोजकों के मुताबिक, इस पहल का मकसद गुरु रविदास जी के समानता, सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवता के संदेश को प्रत्येक मंडल और जन-जन तक पहुंचाना है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री खजान दास तथा प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जाति मोर्चा बलबीर घुनियाल मौजूद रहे। इस दौरान वक्ताओं ने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के विचारों को समाज के लिए आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उन्होंने समानता, मानवता और भाईचारे का रास्ता दिखाया।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी के विचार समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने तथा समतामूलक समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और सामाजिक सद्भाव एवं समानता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन गुरु रविदास जी के जयघोष और उनके बताए मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।